जीवन की जिन अवस्थाओं का उपर वर्णन किया गया है । उन सभी अवस्थाओं में समय,जलवायु, परिस्थिति आदि के अनुकूल और प्रतिकूल मानव जीवन में पड़ता है। जैसे सर्दी, जुकाम, बुखार (ज्वर ) तथा पौष्टिकता कि कमी से होने वाली बीमारियां ।
इन बिमारियों से उबरने के लिए अल्लाह ने ( ईश्वर ने ) प्रकृति में असंख्य जड़ी बूटियाँ पैदा की जिसे हम व्यवहार कर हम हमेशा तंदुरुस्त ( स्वस्थ) रहा सकते हैं । इसके लिए हमें अपना डाॅक्टर खुद होना पड़े गा । खुद का डाॅक्टर होना कोई बड़ी बात नहीं। हमारा शरीर है,हमें शर्दी होने पर कैसा लगता है हमसे अच्छा कोई डाक्टर नहीं समझ सकता। अतः अगर हमें कूछ प्राकृतिक जड़ी - बूटियों ज्ञान हो तो हम अपना और अपने परिवार का खुद कर सकते हैं । अनुभव रखना कोई बड़ी बात नहीं है ।ज्ञान बढ़ाने के लिए सतत प्रयास रत रहना चाहिए । इसके बाद हम आपलोगों को जीवन की जिन तीन अवस्थाओं का वर्णन किया उपर बता चुके हैं, उन अवस्थाओं में हम साधारण बीमारियों से किस प्रकार से निजात पाकर स्वास्थ्य रह सकते हैं, जो बिलकुल आशान और घरेलू है। इसके बारे में हम अगला बलाॅ ग में आपलोगों को जानकारी देंगे।
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